✒️✒️13 मई 2024 को घाटकोपर में आँधी और बेमौसम बारिश की वजह से एक बड़ा होर्डिंग पेट्रोल पंप पर गिर गया था जिसमें 17 लोग मारे गए थे और 70 लोग घायल हो गए थे. यह कहानी उसी का follow up है.
✒️ मुम्बई रिपोर्ट नेहा सिंह *
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13 मई 2024 को घाटकोपर में आँधी और बेमौसम बारिश की वजह से एक बड़ा होर्डिंग पेट्रोल पंप पर गिर गया था जिसमें 17 लोग मारे गए थे और 70 लोग घायल हो गए थे. यह कहानी उसी का follow up है.
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महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार, 25 जून 2024 को IPS
मोहम्मद कैंसर खालिद को निलंबित कर दिया. SIT ने कैसर खालिद को इस बात का दोषी पाया था कि DGP ऑफिस को नजरअंदाज कर उसने खुद होर्डिंग लगाने की परमीशन दी थी. इसके बदले कैसर खालिद ने मेसर्स इगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक भावेश bhinde से 46 लाख रुपये लिए और वह रकम अपनी बीवी सुमन उर्फ sumanna के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाये.
13 मई 2024 को घाटकोपर में आँधी और बेमौसम बारिश की वजह से एक बड़ा होर्डिंग पेट्रोल पंप पर गिर गया था जिसमें 17 लोग मारे गए थे और 70 लोग घायल हो गए थे. यह कहानी उसी का follow up है.
सरकार ने कैसर खालिद को सस्पेंड कर अपनी ड्यूटी पूरी कर ली. 17 लोगों की मौत पर थोड़ी सहानुभूति हासिल कर ली.
लेकिन राज्य सरकार ने इसी कैसर खालिद को अति संवेदनशील मामले में अपने सर पर बिठाया हुआ है. दरअसल कैसर खालिद आमिर खान की फिल्म 'सरफरोश' का 'गुलफाम हसन' है. गुलफाम हसन शायर था. ग़ज़लकार था. उसी की आड़ में वह देश विरोधी गतिविधियों में शामिल था. कैसर खालिद भी शायर है. ग़ज़लकार है. और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है. कैसर खालिद प्रतिबंधित संगठन 'सिमी' की गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है.
अरे भइया ये सब आरोप मैं खुद कैसर खालिद पर नहीं लगा रहा हूँ. मुंबई पुलिस की secret रिपोर्ट बता रही है कि कैसर खालिद देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है.
अब थोड़ा विस्तार से बताती हूं. मोहम्मद कैसर खालिद मुंबई पुलिस में पोर्ट जोन का DCP था. सबको मालूम है कि इस जोन के DCP की कमाई बहुत है. DCP बनते ही कैसर खालिद ने लूट मचा दी. कैसर खालिद नाम से ही लोगों को घिन आने लगी थी.
मोहम्मद कैसर खालिद ने तेल और गोदाम माफियाओं को प्रोटेक्ट करना शुरू कर दिया. उसके बदले मोटी रकम लेने लगा.
मुम्बई पुलिस ही नहीं, पत्रकारों को को भी ये पता है कि underworld ही तेल माफिया हैं. Underworld के अलावा chindichor और SIMI के सदस्य भी तेल की तस्करी करते हैं. रिश्वत लेते लेते कैसर खालिद की उनसे यारी हो गई. कैसर खालिद भी SIMI की गतिविधियों को बढ़ावा देने लगा.
ये सब बातें किसी से छुपी नहीं हैं. मुंबई पुलिस उन पर खुद कोई एक्शन नहीं ले सकती थी. इसलिए राज्य सरकार के गृह विभाग को एक secret रिपोर्ट भेज दी. इस रिपोर्ट में SIMI के नाम का उल्लेख नहीं किया लेकिन रिपोर्ट का आशय कुछ ऐसा ही है कि कैसर खालिद SIMI का सदस्य बन गया है और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हो गया है. आश्चर्य है कि राज्य सरकार ने इतने gambheer आरोप पर भी कैसर खालिद पर कोई एक्शन नहीं लिया.
रिपोर्ट की प्रति हासिल करने के लिए मैंने बहुत कोशिश की पर सफल नहीं हो सका. लेकिन मुंबई पुलिस के कई IPS ने मुझसे बातचीत में यह confirm किया है कि कैसर खालिद के ख़िलाफ़ मुंबई पुलिस की secret रिपोर्ट की जानकारी उनको है. और मेरी information सच है.
राज्य सरकार ने मुंबई पुलिस की उस रिपोर्ट पर कोई एक्शन नहीं लिया तो कैसर खालिद का हौसला और बढ़ गया.
पोर्ट जोन के DCP के बाद मोहम्मद कैसर खालिद कुछ दिन बाद मुंबई पुलिस में पूर्व प्रादेशिक विभाग के अतिरिक्त आयुक्त बनाया गया. इसका कार्यालय चेंबूर में है.
कैसर खालिद ने यहां सबसे पहला और बड़ा गुनाह ये किया कि कन्ट्रोल रूम की बिल्डिंग को हरे रंग से रंगवा दिया. यह बात तब इंटेलिजंस ब्यूरो के एक अधिकारी ने मुझे बताई थी और मैं फिर उस बिल्डिंग को देखने भी गया था. बात सच थी. इंटेलिजंस ब्यूरो के अधिकारी ने इस आशय की रिपोर्ट भी अपने उच्चाधिकारियों को दी थी.
कैसर खालिद से उनकी ऑफिस में SIMI के सदस्य बिंदास मिलने आते थे.
कैसर खालिद के पूर्वी मुंबई का additional commissioner बनते ही मानखुर्द, चीता कैंप, शिवाजीनगर, ट्रॉम्बे और कुर्ला के जितने भी criminals थे वे फिर ऐक्टिव हो गए. वे कैसर को 'खालिद भाई' बुलाते थे.
मुम्बई, नवी मुंबई और ठाणे में ट्रकों से सरिया चोरी का एक बहुत बड़ा रैकेट है. यह स्थानीय पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर की जानकारी में होता है. सरिया चोर सीनियर इंस्पेक्टर को बड़ी और फिक्स रकम देकर चोरी करते हैं.
इसमें एक अतिरिक्त जानकारी ये मिली कि कुछ स्पॉट पर ट्रकों से सरिया चोरी नवाब मलिक करवाते हैं. नवाब मलिक NCP के लीडर हैं और इसके पहले की सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर थे.
सरिया चोरों के एक सदस्य ने तब मुझे बताया था कि नवाब मलिक ने ही कैसर खालिद को पूर्व प्रादेशिक विभाग का addional commissioner बनवाया था. इसीलिए नवाब मलिक के सरिया चोरी के धंधे को कैसर खालिद ने 'संभाल' लिया था. यानी कैसर खालिद खुद सरिया चोरी करवाता था.
सन 1999 में आमिर खान की एक फिल्म आई थी सरफरोश. उस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह ने गुलफाम हुसेन का रोल किया था. गुलफाम हुसेन बहुत बड़ा शायर था. इसी शायरी की आड़ में वह सीमा पार से हथियारों की तस्करी करवाता था. कैसर खालिद को गुलफाम हसन कह सकते हैं. इसने भी पासबान-ए-अदब नाम से एक NGO बनाई है. इसी NGO की आड़ में ग़ज़ल कहता है. शायरी करता है. और इसी की आड़ में SIMI के सदस्यों के संपर्क में रहता है. देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहता है.
अब राज्य सरकार की कार्यशैली सुनिए. मुंबई पुलिस ने सालों पहले ही secret रिपोर्ट दे दी थी कि कैसर खालिद देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है. बावजूद इसके राज्य सरकार ने उसे सन 2015 में महाराष्ट्र राज्य उर्दू साहित्य अकादमी पुरस्कार दे दिया. धन्यवाद राज्य सरकार.
मूलतः बिहार के अररिया जिले का रहनेवाला कैसर खालिद सन 1997 बैच का महाराष्ट्र कैडर का IPS अधिकारी है. निलंबन के समय वह नागरिक अधिकार संरक्षण विभाग का अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक था.
52 वर्षीय कैसर खालिद को हेडिंग में मैंने कैसर की जगह कैंसर लिख दिया है. यह typing अथवा grammatical mistake नहीं है. सरफरोश का यह गुलफाम हसन सच में मुंबई और मुंबई पुलिस के लिए कैंसर ही है.

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