राधे - राधे -आज का भगवद् चिन्तन 28- 06 - 2024 || हमारा मूल स्वभाव || *✒️रिपोर्ट नेहासिंह✨👇✨KKP MEDİA NETWORK📡
*✒️रिपोर्ट नेहासिंह✨👇✨
🌞 पानी को कितना भी गर्म कर लें पर वह थोड़ी देर बाद अपने मूल स्वभाव में आकर शीतल हो जायेगा।इसी प्रकार हम कितने भी क्रोध में,भय में अशांति में रह लें पर थोड़ी देर बाद बोध में, निर्भयता में और प्रसन्नता में हमें आना ही होगा क्योंकि यही हमारा मूल स्वभाव है।इतना ऊर्जा सम्पन्न जीवन परमात्मा ने हमें दिया है स्वयं का तो क्या लाखों-लाखों लोगों का कल्याण करने के निमित्त भी हम बन सकते हैं।
🌞 हमें स्वयं की शक्ति और स्वभाव को समझने की आवश्यकता है।निज स्वभाव की विस्मृति ही मनुष्य जीवन की सबसे बड़ी बाधा है।हम थोड़ी देर में ही परिस्थिति के आगे घुटने टेक कर उसे अपने ऊपर हावी कर लेते हैं।किसी संग दोष के कारण,किन्हीं बातों के प्रभाव में आकर निराश हो जाना,यह संयोग जन्य स्थिति है।आनंद , प्रसन्नता,उत्साह,उल्लास और सात्विकता यही हमारा मूल स्वभाव है,यही हमारा निज स्वरूप भी है।

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