धार्मिक गुरुओं को बदनाम करने वाले साजिशकर्ता सफल नहीं होंगे: रिपोर्ट: हार्दिक हुंडिया*✨👇✨KKP MEDİA NETWORK📡

🚩*धार्मिक गुरुओं को बदनाम करने वाले साजिशकर्ता सफल नहीं होंगे: हार्दिक हुंडिया*

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मुम्बई/ रिपोर्ट / हार्दिक हुंडिया- संपादक स्टार रिपोर्ट पत्रिका :
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हाल ही में एक वीडियो में एक जैनाचार्य को एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया है। सामने आया है कि यह कथित वीडियो पालीताणा का है और पिछले चातुर्मास के दौरान का है। जैन समाज के वरिष्ठ नेता हार्दिक हुंडिया ने कहा कि ऐसा लगता है कि यह वीडियो किसी जैन साधु को बदनाम करने के लिए बनाया गया है क्योंकि अगर वह जैन साधु होते तो साधु के पास हमेंशा एक ओघा होता हैं, जो इस वीडियो में दिखाई नहीं दे रहा है। ये वीडियो साफ तौर पर एक साधु को ब्लैकमेल करने के लिए बनाया गया
है। इस वीडियो में जिस जैनाचार्य का नाम जोड़ा जा रहा
है, उन जैनाचार्य का पालीताणा में चातुर्मास नहीं था। इस वीडियो में ऐसा लग रहा है कि साधु के भेष में एक शख्स एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में रंगरेलिया मना रहा है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ये दोनों लोग एक-दूसरे की सहमति से शारीरिक व्यवहार कर रहे
हैं। जो एक जैन मुनि को बदनाम करने का भयानक कदम है। गुजराती मीडिया जगत में चर्चा है कि यह वीडियो फर्जी
है। इसके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। तो क्या इस खबर में जैन धर्म और जैन मुनियों को बदनाम करने वाला कोई ब्लैकमेलर है? इस वीडियो को राजस्थान के जालोर शहर में बाबू बोहरा नाम के शख्स द्वारा लोगों को दिखाकर जैन साधु को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। हार्दिक हुंडिया ने कहा है कि एक पंच महाव्रतधारी महात्मा के पीछे कई कलंक लगाने की कोशिश की जा रही
है। एक जैनाचार्य राजस्थान के जालौर में चातुर्मास करते हैं। चातुर्मास में ये पंच महाव्रतधारी महात्मा धर्म में बहुत प्रभावशाली होते हैं, चारों ओर एक धार्मिक माहौल बन जाता है। साधु महात्मा वह अपनी आत्मा के साथ-साथ सभी आत्माओं का भी कल्याण करते है। चातुर्मास के लाभार्थी और सभी संघ एकत्र होकर इसे ऐतिहासिक बनाते हैं और अचानक बाबू बोहरा नाम का व्यक्ति कहता है कि मेरे पास जैनाचार्य का यह वीडियो है, लेकिन बाबूलाल के मन की इच्छा पूरी नहीं हुई और अब बाबूलाल लाल-पीले हो गये! जब कोई बाबू से इस वीडियो के बारे में सवाल करता है तो बाबू उन्हें मां, बहन, रंडी, कोठा जैसे अपशब्दों से जवाब देता है। यदि बाबू धर्म प्रेमी होता तो क्या वह इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करता? बाबु का कहना है कि मैं आरएसएस का आदमी हूं, मुझे मारने की योजना बनाई गई है। झूठ पर झूठ लिखने वाले बाबू को लगा कि झूठ कब तक टिकेगा? अगर आरएसएस को पता चल गया तो क्या होगा? सामने आ जायेगा बाबू का झूठ! बाबू ने अब इसे लिखना बंद कर दिया। बाबू बोहरा की टीम कैसे करती है धर्म गुरु को बदनाम? बाबूलाल उस वीडियो को जालोर की घटना बताते हैं और उसी घटना को अब गुजराती मीडिया जगत में पालीताणा की घटना बताकर प्रसारित किया जा रहा है, जिस बाबू ने पहले वीडियो को जालोर की घटना बताया था, वही बाबू अब इसे पालीताणाजी की घटना बता रहे हैं समस्या यह है कि यह घटना जालोर की है या पालीताणा की? ऐसे बाबू पर कैसे भरोसा किया जा सकता है? ऐसी भी चर्चा है कि बाबू के दो दोस्त हैं जो एक एडिटिंग स्टूडियो के मालिक हैं। बाबू को लिखना नहीं आता, एक तो लिखकर दे देता है, दूसरा वीडियो पर कुछ पूछो तो अनाप-शनाप बकने लगता है, जैसे उसने वीडियो खुद ही एडिट किया हो और उसकी पोल खुल जाएगी? हार्दिक हुंडिया ने कहा कि इस वीडियो में जितना साधु जिम्मेदार है उतनी ही लड़की भी जिम्मेदार है, यह सुनकर बाबू का दोस्त भड़क जाता है और कहता है कि तुम दीक्षार्थी की बहन को बदनाम कर रहे हो? हार्दिक हुंडिया का सवाल है कि अगर दीक्षार्थी की बहन होती तो क्या वह ऐसा करती? भक्तों, जब बाबू कहते हैं कि जालोर चातुर्मास में सीसीटीवी कैमरे हटा दिए गए थे, तो बाबू के पास यह वीडियो कहां से आया? बाबू साधु का नाम लेता है, लेकिन लड़की का नाम क्यों नहीं लेता? क्या बाबू और उस लड़की ने मिलकर बनाया था ये वीडियो? जो वीडियो बाबू घूम-घूम कर लोगों को दिखा रहा है, क्या वह सच में कोई साधु है या बाबू और बाबू के दोस्तों ने मिलकर एक साधु को ब्लैकमेल करने के लिए यह वीडियो बनाया है? एक चैनल के रिपोर्टर से पूछने पर उनका कहना है कि घटना जालोर भवन से दो महीने पहले पालीताणा की है। मैंने पूछा महाराज साहब पालीताणा कब आये? एक कहता है एक महीना पहले! तो यह वीडियो कहां से आया? चैनल का कहना है कि वीडियो पिछले चातुर्मास का है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं करता। जब हार्दिक हुंडिया ने चैनल हेड से बात की तो उन्हें एहसास हुआ कि खबर गलत हो गई है इसलिए चैनल ने तुरंत खबर हटा दी। एक अजैन श्रद्धालु को पूरी बात समझ में आ गई, लेकिन जैन श्रद्धालु बाबू बोहरा की बातों में आकर पाप क्यों कर रहे है? बाबू बोहरा से पूछें कि आप जिस संत को वीडियो में दिखा रहे हैं और लोगों को भड़का रहा है, हार्दिक हुंडिया का सवाल है कि यह बहुरुपियां कौन है? यदि जैन संत हैं तो उनके पास ओघा क्यों नहीं है? ऐसा लगता है कि ये दोनों जो चाहते हैं वो कर रहे हैं, तो इस वीडियो का निर्देशन कहीं आपकी और आपके दो दोस्तों की साजिश तो नहीं है, ना? तो बाबू अब बताओ ये लड़की और बहुरूपिया कौन है? अगर कोई आपसे इस वीडियो के बारे में सवाल पूछता है तो आप तुरंत गुस्सा क्यों हो जाते हैं? सामने वाला रंडी, कोठा जैसे शब्दों का प्रयोग क्यों करता है? क्या आपका पूरा दिन उसी में बीत जाता है बाबू? लोगों को भड़काना बंद करो बाबू, अगर जैन धर्म एक संस्कार है, तो समाज के एक पंचमहाव्रत धारी महात्मा, जिन्होंने 10 साल की उम्र में दीक्षा ली और आज 32 साल का तपस्वी जीवन जी रहे हैं, बाबू आप इतनी महान आत्मा को बिना सबूत के बदनाम क्यों करते हो ? बाबू ने देश की रक्षा करने वाली पुलिस पर भी झूठे आरोप लगाए हैं. बाबू को अब लग रहा है कि उनके झूठे प्रचार का घड़ा फूटने वाला है, इसलिए वे अब लाल पीले हो गए हैं! हार्दिक हुंडिया हर धर्म के भक्तों से हाथ जोड़कर अपील करते है कि बाबू जैसोकी बातों में न आये और पाप न बांधें।

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